Ganna Kisan New Update 2023: गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी, वैज्ञानिकों ने विकसित की गन्ने की दो नई प्रजाति कीट और रोग का नहीं होगा कोई असर

Ganna Kisan New Update 2023: गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी, वैज्ञानिकों ने विकसित की गन्ने की दो नई प्रजाति कीट और रोग का नहीं होगा कोई असर

 

Ganna Kisan New Update 2023 सभी किसानों के लिए खुशखबरी भारत के सभी गन्ना किसानों के के लिए हम नई-नई जानकारियां प्राप्त करके पहुंचाते रहे हैं। सभी किसानों से अनुरोध है। कि अगर आपको गन्ने की फसल के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैंGanna Kisan New Update 2023 तो आप हमारे आर्टिकल के माध्यम से अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं गन्ना किसानों के लिए पड़ी खुशखबरी यह है https://pmyojnaup.com/ कि भारत के सभी राज्यों में सबसे अधिक गन्ने का उत्पादन उत्तर प्रदेश राज्य में होता है।

Ganna Kisan New Update 2023
                                                       Ganna Kisan New Update 2023

 

गन्ना एक महत्वपूर्ण फसल बन गया है। गन्ने की फसल को 1 वर्ष के लिए उगाया जाता है और गन्ने की पैदावार में अधिक बढ़ोतरी करने के लिए अन्य प्रकार की  कीटनाशक और तरह-तरह की दवाइयों का प्रयोग किया जाता है फिर भी किसान भाइयों को यह देखना पड़ता है कि फसल में अन्य प्रकार के रोगों से बचाने के लिए गन्ना किसानों को अधिक से अधिक दवाइयों का प्रयोग करने से भी गन्ने की फसल का रोग खत्म नहीं होता

आज हम इस Ganna Kisan New Update 2023 आर्टिकल के माध्यम से यह बताना चाहते हैं। कि सभी किसान भाई अपनी फसल की अच्छी पैदावार पाने के लिए हमारी हमारे इस आर्टिकल को अच्छी तरह से पढ़े हम इस आर्टिकल से आप सभी लोगों को अन्य अन्य प्रकार की गन्ने की किस्में और अन्य प्रकार के रोग नाशक कीटनाशक दवाइयों के बारे में बताएंगे।

क्या है गन्ने की प्रजाति 13235 तथा 0 238 में अंतर

 

Ganna Kisan New Update 2023
                                                      Ganna Kisan New Update 2023

 

राज्य भारत के राज्य उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में मुरादाबाद मंडल में गन्ने की प्रजाति जीरो 238 की बीमारी की चपेट में आ जाने आज आने के बाद गन्ना विभाग ने इसके लिए अन्य अन्य प्रकार के विकल्प चुने हैं गन्ना विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि 0238 गन्ने की प्रजाति पूर्वांचल क्षेत्र के लिए अच्छा विकल्प नहीं रही है इसके स्थान पर अन्य प्रजाति के गन्ना फसल उगाने के लिए जोर-शोर से इसमें सहयोग किया जा रहा है क्षेत्र मुरादाबाद मंडल में गन्ने की फसल में अन्य प्रकार के कीटनाशक और फफूंदी नाशक दवाइयों का प्रयोग करने के बाद भी 0238 गन्ने की पैदावार में बढ़ोतरी नहीं हो रही है।

मुजफ्फरनगर तथा पूर्वांचल के मुरादाबाद मंडल में इस गन्ने की फसल से किसान भाइयों में बहुत निराशा पैदा हुई है उत्तर प्रदेश के गन्ना किसान हर वर्ष उत्तर प्रदेश सरकार से यह गुहार लगाते हैं। कि किसी भी प्रकार का गन्ना में रोग ना आए और उत्तर प्रदेश सरकार यह कोई विकल्प चुनें जिससे किसान भाइयों को अन्य प्रजाति का करना या सही प्रकार के कीटनाशकों का सरकार प्रयोग फसल में कराएं जिससे किसान भाई अपने गन्ने की फसल में पैदावार को बढ़ाने में मदद मिले गन्ना किसान हर वर्ष 0238 गन्ने की प्रजाति में कम पैदावार होने से किसानों को हर बार निराशा ही मिली है उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों की इस समस्या का हल प्राप्त कर लिया है गन्ना प्रजाति 0238 के स्थान पर गन्ने की नई प्रजाति का चुनाव किया है उत्तर प्रदेश सरकार की यह वैरायटी किसानों को लुभाने में सही साबित हो।

गन्ना प्रजाति 0238 क्या है

सर्वप्रथम जब गन्ना प्रजाति जीरो 238 का आगमन हुआ तब किसान भाइयों में एक प्रकार की खुशी की लहर थी गन्ना प्रजाति जीरो 238 ने अपने कामयाबी में चार चांद लगाए और किसान भाइयों की आर्थिक स्थिति में वृद्धि की किसान भाइयों आज इस बात के बारे में हम उन्हें सुनिश्चित करेंगे कि जब तक जीरो 238 गन्ना प्रजाति किसान भाइयों को लुभाने में सफल साबित रहा तब तक किसान भाइयों के कभी भी किसी प्रकार की समस्या नहीं आई लेकिन आज के समय में गन्ना प्रजाति 0238 अपने सही उत्पादन नहीं कर पा रही है गन्ना प्रजाति में उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रपुर मार्ग बाद मंडल तथा मेरठ क्षेत्र क्षेत्रों में गन्ने की पैदावार बहुत अधिक मात्रा में होती है लेकिन इस गन्ने में गन्ने में अलग-अलग प्रकार की बीमारियां का आगमन होने से किसान भाइयों निराशा देखने को मिली है।

किसान भाई अलग-अलग प्रकार की कीटनाशक फफूंदी नाशक और सभी प्रकार की दवाइयों का प्रयोग करते हैं लेकिन फिर भी गन्ना प्रजाति जीरो 238 में बीमारियां नहीं रुकती जिस कारण गन्ना किसानों को सही पैदावार प्राप्त नहीं होती जीरो 238 में एक महत्वपूर्ण बीमारी रेड रोड की मार झेल रही गन्ना प्रजाति जीरो 238 से किसानों ने किनारा करना शुरू कर दिया है लगभग 200000 किसानों ने इसे छोड़कर गन्ने की नई अगेती और उन्नत प्रजाति 15023 को अपनाया है गन्ना विभाग और चीनी मिल इसे प्रोत्साहित कर रही हैं। दावा है कि इस प्रजाति में जीरो 238 के मुकाबले चीनी प्रति  ज्यादा और उत्पादन भी ज्यादा प्राप्त होगा जीरो 238 में जबस रेड रोड बीमारी का आगमन हुआ है किसानों की खेती में पैदावार कम हो गई है किसानों ने रेड रोड बीमारी के लिए

चीनी मिलो तथा सहकारी दुकानों अन्य प्राइवेट दुकानों से भी अलग-अलग प्रकार प्रकार की दवाइयां खरीद कर अपने अपनी फसल में छिड़काव तथा खाद के माध्यम से भी प्रयोग करके देखा लेकिन गन्ना प्रजाति जीरो 238 में रेड रोड बीमारी नहीं रुके यह समस्या किसानों को रास नहीं आ रही इसलिए गन्ना किसानों ने इस प्रजाति को अपने खेत में ना लगाने की ठान ली है इसके स्थान पर अन्य प्रकार की अगेती गन्ने की फसल को उगाना सही समझा जिससे किसानों में एक प्रकार का भरोसा दिखा है

 गन्ना प्रजाति 13235 क्या है

भारत के किसान भाइयों ने जीरो 238 के स्थान पर अन्य अगेती फसलों का चुनाव किया है जिनमें नए-नए प्रकार की अगेती गन्ना फसलों का बीज मिलो द्वारा प्राप्त किया है नई अगेती गन्ना प्रजाति में 15023 तथा 13235 और अन्य प्रकार की प्रजातियां शामिल है आज हम अपने सभी किसान भाइयों को 13235 गन्ना प्रजाति के बारे में अपने आर्टिकल के माध्यम से सारी जानकारियां प्राप्त करेंगे इस फसल के माध्यम से सभी किसानों तथा नील मालिकों को को भी लाभ मिलेगा गन्ना प्रजाति 13235 पैदावार में गन्ना प्रजाति जीरो 238 से अधिक है यह 1 एकड़ में लगभग 15 कुंटल गन्ने की पैदावार होगी

इस गन्ने में चीनी की मात्रा भी गन्ना प्रजाति जीरो 238 से अधिक होगी गन्ना प्रजाति जीरो 238 में एक कुंटल गन्ने में चीनी की मात्रा 11 से 12 फ़ीसदी था तथा गन्ना प्रजाति 13235 में वहीं चीनी की मात्रा 14.93 फीसदी तक रिकवरी होगी गन्ना प्रजाति से सभी किसान भाइयों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और उनकी वार्षिक आय में बढ़ोतरी भी होगी जिससे किसान भाई देश हित में सहयोग देंगे और अपने देश को गन्ना उत्पादन में है सर्वोपरि बनाएंगे

गन्ना प्रजाति 13235 लाने का मुख्य उद्देश्य

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि गन्ने की फसल किसानों के लिए फायदे का सौदा नहीं रह गई है जिसके लिए शुगर केन द्वारा भाइयों के लिए एक नई प्रजाति का चयन किया है जिससे कि प्रदेश में दश के सभी किसान इस प्रजाति से अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं इस प्रजाति को लाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि गन्ने की फसल में अधिक पैदावार अधिक मात्रा में यह प्रजाति विरोध करती है जिससे ज्ञान किस प्रजाति द्वारा किसानों को अधिक लाभ भी प्राप्त हो जाता है इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि किसानों को अधिक लाभ अच्छी फसल प्रदान करना है शुगर केन का मुख्य उद्देश्य है

 

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