Kisan Aandolan: 26 जनवरी को फिर सड़कों पर उतरेंगे किसान निकालेंगे ट्रैक्टर रैली

Kisan Aandolan: 26 जनवरी को फिर सड़कों पर उतरेंगे किसान निकालेंगे ट्रैक्टर रैली

Kisan Aandolan  नमस्कार दोस्तों जैसा कि आप सभी जानते हैं। हम अपने आर्टिकल में आपको संपूर्ण जानकारी प्रदान कर आते हैं। और हम आज भी आपके लिए कुछ इसी प्रकार का आर्टिकल लाए हैं जिसके माध्यम से आप को देश के किसानों की हालत व किसानों की समस्याओं के बारे में इस आर्टिकल के माध्यम से समझाएंगे जिससे कि आपको किसानों की स्थिति परेशानियों का भी पता चल पाएगा कि देश के किसान जो देश को हर स्थिति में मजबूत रखते हैं।
ऐसे किसान भाई आज इतना दुखी क्यों है। इसकी संपूर्ण जानकारी आपको जरूर प्राप्त करनी चाहिए जिससे कि देश के किसानों की  मांग को आप लोग भी उठा सके यदि आप किसानों से जुड़ी सारी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको यह लेख अंत तक जरूर पढ़ना चाहिए।

   Kisan आंदोलन: 26 जनवरी  को किसान आंदोलन 

 

Kisan Aandolan: 26 जनवरी को फिर सड़कों पर उतरेंगे किसान निकालेंगे ट्रैक्टर रैली 

            Kisan Aandolan: 26 जनवरी को फिर सड़कों पर उतरेंगे किसान निकालेंगे ट्रैक्टर रैली

 

Kisan Aandolan  जैसा कि आप सभी जानते हैं। देश का किसान बहुत दुखी है। वो किसान जो देश की आर्थिक स्थिति व पूरे देश के साथ साथ अलग देशों के भी पेट भरता है आज वही किसान भूखा सोने की कगार पर आ चुका है यदि आप किसान भाइयों की इस आवाज को उठाना चाहते हैं तो आप 26 जनवरी को होने वाले आंदोलन में शामिल हो सकते हैं वह किसान भाइयों की आवाज अपने घर बैठे भी सरकार को पहुंचा सकते हैं ऐसा माना जा रहा है कि आने वाले गणतंत्र दिवस को किसानों का फिर से इस बार आंदोलन अपनी मांगों को लेकर होने जा रहा है जिसे अभी तक सरकार द्वारा पूरा नहीं किया गया है।

Kisan Aadolan: 26 जनवरी पर क्यों उतरेंगे सड़कों पर किसान

देश में यूं तो छोटे-मोटे आंदोलन होते रहते हैं लेकिन हम आपको बता दें कि पिछले वर्ष की तरह किसान आंदोलन से बड़ा आंदोलन अभी तक नहीं हुआ है जिसे देखते हुए देश में एक बार फिर किसान आंदोलन का आगाज हो चुका है हम आपको बता दें कि इस बार यह आंदोलन न्यूनतम समर्थन मूल्य उचित दामों के लिए किया जाएगा किसानों का मानना है कि सरकार ने अभी तक किसानों की मांग पूरी नहीं की है इस बात को देखते हुए सभी

किसान भाइयों ने फिर से गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को किसान आंदोलन करने का फैसला किया है यह रैली ट्रैक्टर तिरंगा के साथ निकाली जाएगी जिसे शांति पूर्वक ध्यान से पूरी की जाएगी यह रैली सिर्फ और सिर्फ सरकार के खिलाफ न्यूनतम मूल्य के लिए होगी अन्यथा किसानों का कोई राजनीतिक मकसद नहीं होगा

केंद्र सरकार से आया आश्वासन

जैसा कि आप सभी जानते हैं गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को किसानों ने ट्रैक्टर में तिरंगा रैली को लेकर आगाज किया है तो इसी बात को लेकर सरकार में जंग छिड़ गई है जिसमें केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया है कि रैली निकालने वाले किसानों का कहना है कि दिल्ली धरने की यह प्रमुख मांग थी इसके लिए केंद्र सरकार आश्वासन भी दिया था लेकिन 1 साल बीत गया सरकार द्वारा किसानों की मांगों को अभी तक पूरा नहीं किया गया है जिससे देश के सभी किसान बहुत नाराज हैं और वह 26 जनवरी को दिल्ली के लिए ट्रैक्टर रैली में तिरंगा रैली निकालेंगे

संयुक्त किसान मोर्चा रैली का क्या आह्वान

मोर्चे के आधार पर हो रही है। इस रैली में प्रदेश कई किसान संगठन हिस्सा ले रहे हैं। जिसमें उत्तर प्रदेश छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश राजस्थान अन्य राज्यों के किसान भी हिस्सा ले रहे हैं। किसानो का  मानना है। कि किसान जब फसल उगाता है तो उसे उसका मूल्य तय करने की अनुमति नहीं होती है लेकिन अन्य चीजों पर सरकार ही मूल्य तय करती है जिसके लिए हमें यह आंदोलन करना पड़ रहा है किसान अपनी फसलों का दाम खुद तय करने का हकदार बनना चाहिए और उसका समर्थन मूल्य मैं सुधार होना चाहिए जिससे कि देश के किसानों की आर्थिक स्थिति व आय में वृद्धि हो सकती है।

फसल का डेढ़ गुना हो समर्थन मूल्य

आगामी रैली को ध्यान में रखते हुए किसान भाइयों ने कहां है। कि अब फसलों का उचित दाम सरकार नहीं दे रही है। जिसके लिए हमें आंदोलन करना होगा आंदोलन के माध्यम से कोई राजनीति एजेंडा नहीं होगा हमें सिर्फ और सिर्फ अपने किसान भाइयों की फसल के लिए मांग किस सरकार द्वारा करनी है और सरकारों से अपनी मांग करनी है कि वह हमारी फसलों का उचित दाम तय करें और हमारी फसल होगा डेढ़ गुना समर्थन मूल्य होना चाहिए यही हमारी मांग है और किसान भाइयों का यह कहना है कि यदि सरकार हमारी मांगे पूरी नहीं करती है तो इस बार भी पिछले वर्ष की तरह ही आंदोलन किया जाएगा।

किसान कि क्या है मांग

जैसा कि आप सभी जानते हैं देश के किसानों की मांग को लेकर सरकार से बहुत बहस होती रहती है लेकिन किसानों की मांग सरकार द्वारा पूरी नहीं की जाती है जिसके माध्यम से सरकार को घेरने का मुख्य उद्देश्य किसानों का है और वह चाहते हैं कि केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन किया जाए जिसके माध्यम से हम अपनी आवाज सरकार द्वारा पहुंचा सके कि हमारी मांगे जल्द से जल्द पूरी की जाए हमारी मांग है गन्ना भुगतान जल्द से जल्द किया जाए वह हमारे देश के सभी फसलों का उचित मूल्य तय किया जाए जिससे किसानों की लागत से कुछ अधिक समर्थन मूल्य तय किया जाए

आंदोलन का मुख्य उद्देश्य

किसानों द्वारा 26 जनवरी को आंदोलन करने का आह्वान व आवाज उठाई है इस बार भी 26 जनवरी को देश के किसान झंडा व ट्रैक्टर रैली के माध्यम से सरकार को घेरेंगे  और सरकार से अपनी समस्याओं को सुधारने की बात कहेंगे यह बताएंगे कि आज देश का किसान कितना मजबूर और  कमजोर हो चुका है   

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